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भारत ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में कमर्शियल जहाजों पर हुए हमलों को बताया बहुत बुरा, जानें और क्या कहा

 Published : Apr 29, 2026 02:39 pm IST,  Updated : Apr 29, 2026 02:44 pm IST

भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में होर्मुज स्ट्रेट में कमर्शियल जहाजों पर हुए हमलों की निंदा की है। चलिए जानते हैं कि भारत की उप स्थायी प्रतिनिधि योजना पटेल ने UNSC में क्या कहा है।

Ambassador Yojna Patel, Deputy Permanent Representative of India to the UN- India TV Hindi
Ambassador Yojna Patel, Deputy Permanent Representative of India to the UN Image Source : X@INDIAUNNEWYORK

नई दिल्ली: संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत की डिप्टी परमानेंट रिप्रेजेंटेटिव, एम्बेसडर योजना पटेल ने कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले कमर्शियल जहाजों को निशाना बनाना गलत है। पटेल ने मिडिल ईस्ट के हालात पर UN सिक्योरिटी काउंसिल में भारत का बयान देते हुए कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से कमर्शियल शिपिंग भारत के लिए खास चिंता की बात है, क्योंकि यह हमारी एनर्जी और इकोनॉमिक सिक्योरिटी के लिए बहुत जरूरी है। कमर्शियल शिपिंग को मिलिट्री हमलों का निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए और ऐसी कोशिशें बहुत बुरी हैं। उन्होंने कहा, "भारत इस बात पर चिंता जताता है कि लड़ाई के दौरान जहाजों पर सवार भारतीय नाविकों की जान गई है।"

'कानून का हो सम्मान'

पटेल ने कहा कि कमर्शियल शिपिंग को टारगेट करने पर रोक लगाने वाले इंटरनेशनल कानून का सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, "हम इस बात पर जोर देते हैं कि कमर्शियल शिपिंग को टारगेट करना और बेगुनाह सिविलियन क्रू मेंबर्स को खतरे में डालना, या होर्मुज स्ट्रेट में नेविगेशन और कॉमर्स की आजादी में रुकावट डालना मंजूर नहीं है। इस मामले में इंटरनेशनल कानून का पूरा सम्मान किया जाना चाहिए। इस संदर्भ में यह बताना जरूरी है कि भारत ने UNSC रेजोल्यूशन 2817 को को-स्पॉन्सर किया था, जिसे 11 मार्च को अपनाया गया था। हम होर्मुज स्ट्रेट के जरिए नेविगेशन और ग्लोबल कॉमर्स की सुरक्षित और बिना रुकावट वाली आजादी को जल्द से जल्द बहाल करने की जोरदार अपील करते हैं।"

भारत ने बहरीन को कहा शुक्रिया

योजना पटेल ने यह भी कहा कि इस मामले में हो रहे डेवलपमेंट का सिक्योरिटी, इकॉनमी, एनर्जी, फूड सिक्योरिटी जैसे अलग-अलग डोमेन पर गंभीर असर पड़ सकता है। उन्होंने कहा "भारत आज की ओपन डिबेट बुलाने के लिए बहरीन का दिल से शुक्रिया अदा करना चाहता है। मैं ब्रीफर्स को उनकी समझदारी भरी बातों के लिए भी धन्यवाद देना चाहती हूं। उन्होंने कहा, "इस साल जनवरी में पिछली तिमाही की खुली बहस के बाद से, खासकर मिडिल ईस्ट में बड़े बदलाव हुए हैं। इन बदलावों का कई क्षेत्रों में गंभीर असर पड़ा है जिनमें इंटरनेशनल शांति और सुरक्षा, आर्थिक और एनर्जी सुरक्षा, फूड सिक्योरिटी, इंटरनेशनल ट्रेड और ग्लोबल सप्लाई चेन शामिल हैं।"

गल्फ में जरूरी है भारतीयों की सुरक्षा

पटेल ने कहा कि इस इलाके में भारत के हित हैं क्योंकि लगभग 10 मिलियन भारतीय गल्फ में रहते और काम करते हैं। उनकी सुरक्षा सबसे जरूरी है। उन्होंने कहा, "भारत के लिए, मिडिल ईस्ट हमारा सबसे करीबी पड़ोस है और इस इलाके की सुरक्षा और स्थिरता में हमारा बड़ा हिस्सा है। हमारी ट्रेड और एनर्जी सप्लाई चेन इस इलाके से मजबूती से जुड़ी हुई हैं, जिसका हमारी अर्थव्यवस्था और एनर्जी सुरक्षा पर असर पड़ता है।"

'UN शांति सैनिकों पर हमला नहीं होना चाहिए'

पटेल ने यह भी कहा कि शांति सैनिकों पर हमला नहीं होना चाहिए, जैसा कि लेबनान में देखा गया है। उन्होंने कहा, "ब्लू हेलमेट वाले UN सिक्योरिटी काउंसिल के आदेश के मुताबिक मुश्किल हालात में इंटरनेशनल शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए काम करते हैं और उन्हें टारगेट नहीं किया जाना चाहिए।'' उन्होंने कहा, "हम UNIFIL में तैनात UN शांति सैनिकों पर हुए सभी हमलों की कड़ी निंदा करते हैं।" पटेल ने कहा कि ऐसे हमलों की जांच होनी चाहिए और दोषियों को सजा मिलनी चाहिए। इस बीच यहां यह भी बता दें कि, समुद्री क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच, ईरान ने संयुक्त राष्ट्र में एक औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है

 

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